वृषण में जल भर जाना ( Hydrocele Treatment)
🥗भाग 82🥗 🥗🥗🥗वृषण में जल भर जाना ( Hydrocele Treatment):- 🥗खड़े होकर कभी पानी न पिएं 🥗खड़े होकर मूत्र विसर्जन […]
🥗भाग 82🥗 🥗🥗🥗वृषण में जल भर जाना ( Hydrocele Treatment):- 🥗खड़े होकर कभी पानी न पिएं 🥗खड़े होकर मूत्र विसर्जन […]
🥗भाग 81🥗 🥗🥗🥗जटामांसी:- 🥗हिस्टीरिया: 4 चम्मच जटामांसी की जड़ का चूरन, 2 चम्मच वच का चूरन और एक चम्मच काला
🥗भाग 79🥗 🥗🥗🥗सत्यानाशी:- 🥗सत्यनाशी यानि कि सभी प्रकार के रोगों का नाश करने वाला खास वनस्पति। 🥗चोट घाव चोट घाव
🥗भाग 78🥗 🥗🥗🥗मुंह मे छाले:- 🥗पानी का नियम बनाये रखें कभी छाले नही होंगे 🥗पेट साफ रखें 🥗दर्जनों बार का
🥗भाग 76🥗 🥗🥗🥗डकारें ,मुंह में पानी आना ,छाले, हिचकी:- 🥗डकार को कभी नही रोकना चाहिए यह एक शारीरिक वेग है
🥗भाग 72🥗 🥗🥗🥗भस्मक (बहुत अधिक भूख लगना):- 🥗पित्त बढ़ने से यह रोग होता है 🥗मिर्च मसाले, आलू, चाय,काफी, चीनी ,
🥗भाग 69🥗 🥗🥗🥗काली मिर्च:- 🥗जुखाम 2 ग्राम काली मिर्च का पाउडर, गुड़ के साथ मिलाकर खाने से जुकाम जल्द ही
🥗भाग 68🥗 🥗🥗🥗अदरक :- 🥗अदरक से सौंठ में 20 गुना अधिक औषधीय गुण है 🥗पाचन:- भोजन के बाद थोड़ा सा
🥗भाग 67🥗 🥗🥗🥗सहजन :- 🥗जामुन, बैंगन, आंवला ,हरड़ और बहेड़ा के समतुल्य ही सबसे सुंदर कोई फल है तो वह
🥗भाग 65🥗 🥗🥗🥗तुलसी :- 🥗तुलसी के प्रकार हैं – श्याम तुलसी, राम तुलसी, श्वेत/विष्णु तुलसी, वन तुलसी, नींबू तुलसी, इन