🥗भाग 82🥗
🥗🥗🥗वृषण में जल भर जाना ( Hydrocele Treatment):-

🥗खड़े होकर कभी पानी न पिएं
🥗खड़े होकर मूत्र विसर्जन न करे
🥗भोजन करते ही मूत्र विसर्जन करें
🥗उपाय 1-
माजूफल 20 ग्राम, फिटकरी 5 ग्राम लें
दोनो बारीक पीसकर थोडी-2 देर बाद 15 दिन तक लेप करे, अत्यन्त उपयोगी है
🥗उपाय 2-
छोटी कटेरी ( कटेली) की जड़ की छाल ( ताजा हो तो 1 ग्राम , सूखी हो तो 10 ग्राम) काली मिर्च 7 नग लें | दोनों को पीसकर 125 ग्राम पानी में मिलाकर प्रतिदिन प्रात : काल सेवन करायें । ( यह एक खुराक है, 2 सप्ताह के प्रयोग से आराम हो जाएगा)
🥗उपाय 3-
तम्बाकू के पत्तों को सुबह पानी में भिगोकर शाम को अंडकोश पर बांध कर , लंगोट बांध दे , कुछ ही दिन में ठीक होगा।
🥗उपाय 4-
वृद्धि वाधिका वटी,चंद्रप्रभा वटी 1-1 गोली, त्रिफला 2 ग्राम , स्वर्ण बंग 250mg ,गंधक रसायन,अरोग्यावर्धनी वटी , कचनार गुगल 250-250 मिलीग्राम गर्म पानी से दें
🥗विशेष-
1 और 3 नंबर नुस्खें में से कोई एक , 2 और 4 नंबर नुस्खें में कोई एक प्रयोग करें , मतलब दो नुस्खें प्रयोग में लाये , बिना आप्रेशन ठीक होगा।।।
नोट : – आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी : –
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। यदि कोई साइड इफेक्ट या समस्या हो, तो तुरंत अपने निकट के वैद्य जी से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें एवं वैध जी की सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय मन में पूर्ण विश्वास बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
– : । आपका दिन शुभ हो । : –
– : धन्यवाद : –