🥗भाग 68🥗
🥗🥗🥗अदरक :-

🥗अदरक से सौंठ में 20 गुना अधिक औषधीय गुण है
🥗पाचन:-
भोजन के बाद थोड़ा सा अदरक खाने से भोजन का पाचन अच्छे से होता है।
🥗पेट गैस:-
दो चम्मच सोंठ के पाउडर में स्वादानुसार नमक मिलाकर आधा-आधा चम्मच गर्म पानी से रोजाना दिन में तीन बार लेने से पेट में गैस बनना बन्द हो जाता है।
🥗जी मिचलाना:-
1 चम्मच अदरक के रस में स्वादानुसार नमक, कालीमिर्च मिलाकर लेने से उल्टी, और जी मिचलाना ठीक हो जाता है
🥗एसिडिटी:-
एसिडिटी से राहत पाने के लिए पिसी हुई सौंठ व सूखा धनिया चार-चार चम्मच एक गिलास पानी में डालकर उबालें। आधा पानी रहने पर छानकर, हर रोज दिन में तीन बार इसे बनाकर पियें
🥗दूध पाचन:-
कुछ लोगो को दूध पचाने में परेशानी होती हैं दूध पीने से उन्हें दस्त लग जाते हैं या खट्टी डकारे आने लगती हैं | इसके उपचार के लिए चौथाई चम्मच सोंठ को पीसकर दूध में मिलाकर पियें। इससे दूध आसानी से पचेगा।
🥗खट्टी डकारें:-
एक चम्मच अदरक के रस में एक चौथाई चम्मच काला नमक, आधा कप गर्म पानी मिलाकर सुबह-शाम पीने से खट्टी-कड़वी, डकारें आना बन्द हो जाती हैं
🥗भूख बढ़ना:-
अदरक के रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से भूख बढ़ती है।
🥗पाचन सम्बधी समस्या:-
अदरक के एक लीटर रस में 100 ग्राम चीनी मिलाकर पकाएं। जब मिश्रण कुछ गाढ़ा हो जाए तो उसमें लौंग का पाउडर 5 ग्राम और छोटी इलायची का पाउडर 5 ग्राम मिलाकर शीशे के बर्तन में भरकर रखें। एक चम्मच यह पेस्ट दूध या पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करने से पाचन संबंधी सभी परेशानिया दूर होती हैं।
🥗उल्टी:-
अदरक के और सफेद प्याज के रस को 5-5 ग्राम मात्रा में मिलाकर सेवन करने से जी मिचलाने यानि उलटी करने का मन की बीमारी ठीक हो जाती है
🥗जलन:-
छाती में जलन होने पर गन्ने के 250 ग्राम रस में अदरक का रस और पोदीने की पत्तियों का रस 8-8 ग्राम मिलाकर सेवन करें।
🥗दस्त:-
2 चम्मच अदरक का रस गर्म करके नाभि के आस-पास लगायें, इस रस को रुई भिगोकर नाभि पर रख दें, इससे दस्त में आराम मिलेगा। इसके साथ ही आधा कप उबलते हुए पानी में 1 चम्मच अदरक के रस में मिलाकर गर्म-गर्म, हर एक घंटे में पियें इससे पानी की तरह होने वाले पतले दस्त बन्द हो जायेंगे।
🥗कफ:-
सर्दियों में कफ के कारण गले में खराश हो जाती इसके इलाज के लिए अदरक के 7-8 ग्राम रस में शहद मिलाकर लेने से बहुत लाभ होता है। खांसी भी कम हो जाती है
🥗परहेज– खटाई, दही का प्रयोग न करें।
🥗बुखार:-
तेज बुखार होने पर 5 ग्राम अदरक के रस 5 ग्राम श्याम तुलसी के रस में 5 ग्राम शहद मिलाकर लेने से बेचैनी और बुखार की गर्मी कम होती है।
🥗खांसी:-
घी में गुड़ डालकर गर्म करें। दोनों मिलाकर एक होने पर 12 ग्राम पिसी हुई सोंठ डालें। यह एक खुराक है। इसे सुबह खाली पेट प्रतिदिन सेवन से जुकाम, खाँसी ठीक हो जाती है।
🥗झुकाम:-
जुकाम होने पर 2 कप पानी में 1 चम्मच अदरक के टुकड़े डालकर उबालते हुए एक कप पानी रख लें। इसे गर्म-गर्म ही पियें।
🥗नाक से पानी गिरना:-
आधा कप गर्म पानी में एक चम्मच अदरक का रस, आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर पीने से नाक से पानी गिरना बन्द हो जाता है।
🥗 जुकाम:-
अदरक, मिश्रव और काली मिर्च 5 दाने तीनों को थोड़ा-सा कूटकर इसकी एक चम्मच को लगभग एक कप पानी में पकाकर क्वाथ (काढ़ा) बनाएं। इस क्वाथ को छानकर पीने से जुकाम से छुटकारा मिलता है।
🥗गला बैठना:-
सर्दियों में गला बैठने से आवाज बैठने से आवाज़ भारी हो जाती है इसके उपचार के लिए अदरक के रस में सेंधा नमक मिलाकर इस पेस्ट को लेने से बहुत लाभ होता है
🥗माइग्रेन:-
आधा सीसी (माइग्रेन) की बीमारी होने पर नाक में अदरक के रस की बूंदें टपकाने से बहुत लाभ होता है।
🥗बालो के लिए:-
दो चम्मच अदरक के रस को ऑलिव ऑयल के साथ मिलाकर सिर की त्वचा पर मालिश करने से बालों में रूसी, बालो का झड़ना और डैंड्रफ की समस्या दूर होकर बालों की जड़े भी मजबूत होती हैं |
🥗गला दर्द:-
अदरक के रस को गर्म पानी में मिलाकर, नमक डालकर गरारे करने से इंफ्लुएंजा व गले के दर्द में बहुत लाभ होता है।
🥗मूत्र समस्या:-
सर्दियों में बार-बार पेशाब के लिए जाने की परेशानी होने पर 10 ग्राम अदरक के रस में थोड़ा-सा शहद मिलाकर सेवन करने से बहुत लाभ होता है
🥗कान:-
अदरक के रस को हल्का गर्म करके बूंद-बूंद कान में डालने से कान खुल जाता है और ऊँचा सुनाई देने की समस्या ठीक हो जाती है।
🥗जोड़ो की सूजन:-
अदरक का 500 मिली रस और 250 मिली तिल के तेल को धीमी आंच पर देर तक पकाएं। जब रस जलकर खत्म हो जाए तो तेल को छानकर रखें। इस तेल की मालिश करने से संधिशोथ यानि (जोड़ों की सूजन) में बहुत लाभ होता है।
🥗दांत दर्द:-
यदि ठण्ड से दाँत में दर्द हो तो एक टुकड़ा अदरक को दाँत में दबाकर रखने से तुरन्त लाभ मिलेगा।
🥗2-3 ग्राम सोंठ पाउडर में 1/2 या 1 ग्राम दालचीनी (एक प्रकार का मसाला ) मिलाकर दूध या पानी के साथ लेने से हृदयशूल (एञ्जायना) में लाभ होता है
🥗गर्भपात:-
यदि बार-बार गर्भपात होता हो तो रोजाना आधा चम्मच सोंठ, चौथाई चम्मच मुलहठी को 250 ग्राम दूध में उबालकर पियें। इससे बार-बार गर्भपात नहीं होगा। लेकिन गर्भवस्था के दौरान इसका कम प्रयोग करें
🥗कष्टार्तव (Dysmenorrhoea):-
माताओ के मासिक धर्म में दर्द होता है उन्हें सोंठ और पुराने गुड़ का काढ़ा पीने से लाभ होता है। ठंडी चीजो तथा खट्टी चीजों का परहेज रखें।
🥗मोटापा:-
10 ग्राम अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े तवे पर डालकर थोड़ा सा पानी डालकर भूनें। इसको भूनते हुए जब पानी भाप बनकर उड़ जाये तब इसके बाद उस पर एक चम्मच घी डालकर सेंकें। अच्छी तरह सिकने पर खाना खाने से पहले में इन्हें खायें। इससे बढ़ा हुआ पेट अपने सामान्य आकार में आ जायेगा
🥗2 गिलास पानी में 5 ग्राम अदरक को कूटकर और उसे उबालकर थोड़ा सा निम्बू और शहद डालकर सुबह खाली पेट गर्म-गर्म पीने से मोटापा कम होता है।
🥗हर्निया रोग में:-
अदरक का मुरब्बा दस ग्राम हर रोज सुबह दो महीनो तक खाने से हर्निया में लाभ होता है।
नोट : – आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी : –
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। यदि कोई साइड इफेक्ट या समस्या हो, तो तुरंत अपने निकट के वैद्य जी से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें एवं वैध जी की सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय मन में पूर्ण विश्वास बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
– : । आपका दिन शुभ हो । : –
– : धन्यवाद : –