पेट के कीड़े‌

🥗भाग 28🥗

🥗🥗🥗उदर कृमि ( पेट के कीड़े‌):-

🥗पहचान:-
शरीर को खाया पीया न लगना ,सोते समय दांत किटकिटाना या पीसना , सोते सयय बिसतर पर पेशाब कर देना , बार बार भूख लगना , खून की कमी आदि के कारणों में पेट के कीड़े हो सकते है..

🥗प्रात: भूखे पेट टमाटर , काली मिर्च , और नमक बुरककर खाने से पेट के कीडे मर जाते है

🥗चोथाई कप करेले का रस(25ml) पीने से लाभ होगा

🥗नींबू के बीजों को पीसकर उसकी एक ग्राम मात्रा प्रात : नींबू पानी से दें |

🥗कमीला चूर्ण पंसारी से लेकर दही में मिलाकर लें |

🥗पंसारी से पलास बीज गिरी लेकर पाउडर बनाकर  एक से दो ग्राम चूर्ण पानी के साथ लें

🥗भुना अजवाइन आधा चम्मच में काला नमक, काली मिर्च का पाउडर मिलाकर रात गुनगने पानी से सेवन करे

🥗दिये गए उपाय मे से कोई एक उपाय इस्तेमाल करें लगातार केवल 7 दिन तक।।

नोट : – आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी 

स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। यदि कोई साइड इफेक्ट या समस्या हो, तो तुरंत अपने निकट के वैद्य जी से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें एवं वैध जी की सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय मन में पूर्ण विश्वास बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।

स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗

जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
-: । आपका दिन शुभ हो । : –
-: धन्यवाद : –

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