🥗भाग 80🥗
🥗🥗🥗मूली:-

🥗बहुत सारी मूलीयाँ मीठी होती है | बहुत सारी फीकी होती है | बहुत सारी तेज करारीयाँ . तासीर ठंडी होती है | पेट के लिए लाभकारी है | इसके प्रयोग से भोजन स्वादिष्ट लगता है | पेट की गैस को दूर करती ही है , साथ में बदहज़मी और कब्ज में भी लाभकारी है |
🥗सुबह मूली खाना अमृत है
🥗दोपहर को मूली सलाद का काम देती है ,
🥗रात को मूली खाना जहर का काम करती है।
🥗मूली के चार पत्ते खाने से हिचकी बंद हो जाती है |
🥗शूगर में मूली का रस लें |
🥗मूली का रस आंतडियों के लिए Antiseptic का कार्य करता है |
🥗पीलीया में कच्ची मूली लाभ देती है |
🥗एक कप रस में मिश्री मिलाकर पीने से खट्टे डकार ठीक होते है|
🥗मूली के रस में नमक और मिर्च डालकर पीने से पेट दर्द में आराम मिलता है |
🥗मूली के 3 ग्राम बीज पीसकर लेने से गला साफ होता है |
🥗जो लोग हमेशा मूली खाते है उनपर बिच्छू का डंक बेअसर ही रहता है |
🥗एक गिलास मूली रस पीने से पेसाब की जलन शांत होती है |
🥗गुर्दे की खराबी से अगर पेसाब बनना बंद हो गया हो तो मूली का रस जो-खार और कलमी शोरा मिलाकर दें |
🥗बाबसीर जैसी समस्या में मूली का रस में काला नमक डालकर ले
नोट : – आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी : –
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। यदि कोई साइड इफेक्ट या समस्या हो, तो तुरंत अपने निकट के वैद्य जी से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें एवं वैध जी की सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय मन में पूर्ण विश्वास बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
– : । आपका दिन शुभ हो । : –
– : धन्यवाद : –