🥗भाग 60🥗
🥗🥗🥗उपयोगी घरेलू जानकारी :-

🥗सुबह दोपहर और शाम को शीतल जल से मुख एव आखों में पानी के छींटे मारने से आँख के रोग नही आते
🥗उबला पानी पीने से तीनों दोष नष्ट होते है, किन्तु यदि यही पानी बासी हो जाये अर्थात 12 घण्टे दे अधिक रखा रहे तो तीनों दोष बढ़ते है
🥗पानी उबालने पर यदि 3/4 भाग शेष बचे तो यह वातनाशक है, यदि 1/2 भाग शेष बचे तो पित्तनाशक है ,यदि 1/4 शेष बचे तो कफनाशक है
🥗जिस जल में गर्म लोहा या गर्म पत्थर ठंडा किया गया हो वह औषधि है
🥗बकरी का दूध सर्वदोषनाशक है, माँ के स्थान पर बकरी का दूध उपयुक्त है
🥗भैंस के दूध में त्रिकुट चूर्ण मिलाकर पीने से अधिक लाभ है
🥗बकरी का मूत्र बाबासीर में सर्वोत्तम है
🥗बकरी और गाय का मूत्र ही पीने योग्य है सर्वोत्तम है
🥗मूंगदाल सभी दालों में उत्तम है
🥗उर्द दाल दालों की राजा है, लेकिन इसे किसी अन्य दाल के साथ मिलाकर बनाना जहर समान है
🥗दालों का सेवन रात्रि में करना विष के सेवन के समान है।
🥗काले चने का सेवन भिगोकर, पकाकर, भूनकर तीनो अवस्था मे उपयुक्त है
🥗सफेद चनों का सेवन हानिकारक है
🥗कांसे के पात्र में रखा हुआ घी का सेवन विष है।
🥗दहिं व छाछ के साथ केला खानां विष है
🥗गुड़, शहद, काली मिर्च के साथ पूरी खानां विष के समान है
🥗उड़द की दाल, दही, दूध के साथ मूली का सेवन न करे
🥗भोजन के पहले मीठा और अंत मे कसाय, कड़वा या खट्टा खानां चहिए
🥗पान के पत्तो का सेवन सबसे सुंदर औषधि है।।
नोट : – आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी : –
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। यदि कोई साइड इफेक्ट या समस्या हो, तो तुरंत अपने निकट के वैद्य जी से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें एवं वैध जी की सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय मन में पूर्ण विश्वास बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
– : । आपका दिन शुभ हो । : –
– : धन्यवाद : –