🥗भाग 71🥗
🥗🥗🥗हींग के लाभ:-

🥗हींग फेरूला-फोइटिडानाम के पौधे का रस है। इस पौधे के रस को सुखा कर हींग बनाई जाती है। इसके पौधे 2 से 4 फीट तक ऊंचे होते हैं।
🥗हींग बहुत महंगी है, इसकी कीमत 20,000-24000 रुपये किलो लगभग है,अच्छी गुणवत्ता की हींग जीभ पर रखते ही जलन पैदा करती है
🥗हींग दमा के रोगियों के लिए रामबाण औषधि है।
यह कफ का नाश करने वाली, गैस की समस्या से राहत देने वाली, लकवा के रोगियों के लिए फायदेमंद व आंखों के लिए भी बेहद लाभदायक होती है।
🥗हींग को भूनकर ही काम में लाना अच्छा रहता है क्योंकि कच्ची हींग उलटी का कारण भी बन सकती हैं
🥗लाभ:-
🥗गैस
सौंठ, कालीमिर्च, छोटी पीपल, अजवाइन, सफेद जीरा, काला जीरा, शुद्ध घी में भुनी हींग और सेंधा नमक सब समान मात्रा में पीस कर चूर्ण को रोजाना खाने के बाद 2 से 4 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करें, पेट में गैस की समस्या खत्म हो जाएगी।
🥗पेटदर्द
हींग को पानी में घोल कर नाभि के आसपास लेप करने से या घी में भुनी हींग शहद में मिलाकर खाने से पेटदर्द में लाभ होता है, हींग का छोटा-सा टुकड़ा पानी से निगल लेने पर पेटदर्द से बहुत जल्दी राहत मिलती है।
🥗घुटनों का दर्द
हींग को पानी में मिलाकर घुटनों पर लेप करने से घुटनों का दर्द दूर हो जाता है।
🥗दाँत दर्द
दांतों में दर्द हो तो दर्द वाले स्थान पर हींग लगा लें या हींग का टुकड़ा रख लें। राहत मिलेगी, हींग को पानी में उबालकर कुल्ला करने से भी दांतों के दर्द में राहत मिलती है।
🥗सिरदर्द
सर्दी के कारण सिरदर्द हो रहा हो तो पानी में थोड़ी हींग घोल कर सिर पर लगाएं। सिरदर्द में तुरंत आराम मिलेगा।
🥗पसली का दर्द
पसलियों में दर्द हो तो पानी में हींग घोलकर पसलियों पर लेप करें, आराम मिलेगा।
🥗न्यूमोनिया
बच्चों को न्यूमोनिया में हींग का पानी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में देते रहने से बहुत आराम मिलता है।
🥗दाद
दाद की समस्या के लिये गन्ने के रस में सिरके के साथ थोड़ा हींग पाउडर मिलाएं। सुबह-शाम दाद पर लगाएं। कुछ ही दिनों में दाद खत्म हो जाएगा।
🥗हिचकी
पुराने गुड़ में थोड़ी-सी हींग मिलाकर सेवन करने से हिचकी तुरंत बंद हो जाती है।
🥗जहर
यदि कोई जहर खा ले तो उसे तुरंत हींग का पानी पिलाएं। ऐसा करने से उल्टी में जहर बाहर निकल जाता है और जहर का प्रभाव खत्म हो जाता है।
🥗दिल
हींग का नियमित सेवन करने से लो-ब्लड प्रेशर और दिल से संबंधित बीमारियां होने की संभावना कम हो जाती हैं।
🥗पित्त उछलना
पित्ती यानी अर्टिकेरिया की समस्या होने पर हींग को घी में मिलाकर शरीर पर मलें, बहुत जल्दी लाभ होगा।
🥗गला
गला बैठ जाए तो हींग को उबले हुए पानी में घोलकर इस पानी से गरारे दिन में 2-3 बार करें। गला ठीक हो जाएगा।
🥗अपच
पेट में अपच की शिकायत रहती हो तो सोंठ, मिर्च (काली), पीपल, अजवायन, सेंधा नमक, सफेद जीरा व काला जीरा प्रत्येक बीस ग्राम लें।, यदि अफारे की स्थिति पैदा हो गई हो तो हींग भूनकर उसमें काला नमक मिलाकर पीस कर गुनगुने पानी से सेवन करें, अफारा जरुर ठीक हो जाएगा,
🥗हिस्टीरिया
हिस्टीरिया के दौरे से बेहोश रोगी को हींग सुंघाने से वह जल्दी ही होश में आ जाता है। यदि उसे थोड़ी-सी हींग खिला दी जाए तो वह जल्दी ही सामान्यावस्था में आ जाता है।
🥗सन्निपात
कई बार बुखार में शरीर ठंडा पड़कर ‘सन्निपात’ की स्थिति बन जाती है। पानी में घिसकर हाथ-पैरों पर हींग की मालिश ‘सन्निपात’ में फायदा होता है।
🥗दाद –
हींग को गन्ने के रस से बने सिरके के साथ पीसकर सुबह-शाम दिन में 2 बार दाद पर लेप करने से कुछ ही दिनों में दाद गायब हो जाता है।
🥗कांटा/कांच आदि चुभ जाना। –
यदि कांटा/कांच आदि चुभ जाने पर हींग का घोल उस स्थान पर भर देने से कुछ समय बाद कांटा अपने आप बाहर आ जाता है।
🥗निम्न रक्तचाप –
लो ब्लड प्रेशर के मरीजो के लिए हींग का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
🥗कफ
हींग में एक बहुत गुणकारी उड़नशील तेल होता है। इस तेल के प्रभाव से साँस की नलिका (एअर पाइप) में जमा कफ पिघलकर निकल जाता है। तेज़ खांसी ठीक करने के लिए यह तेल उपयोगी होता है।
🥗पेचिश/प्रवाहिका (डिसेंट्री) –
जरा-सी हींग को ताजा (जो खट्टा न हो) दही में मिलाकर सेवन करने से बहुत जल्दी अच्छा प्रभाव पड़ता है।
🥗घुटनों का दर्द –
हींग को पानी में बारीक पीसकर लेप करने से घुटनों का दर्द में भी आराम मिलता है।
🥗कीड़ा
कीड़ा लगे खोखले दांत/दाढ़ में थोड़ी-सी हींग भर देने से दांत/दाढ़ का दर्द दूर हो जाता है। प्रयोग करने से पहले हींग को गर्म कर लेना चाहिए ,थोड़ी-सी हींग लेकर पानी में उबालकर कुल्ले करने से दांतों का दर्द तुरंत दूर होता है।
🥗आधासीसी/आधे सिर का दर्द (माइग्रेन) –
हींग को पानी में घोलकर, नाक से उसकी बूंदें डालने और सूंघने से आधासीसी में लाभ होता है। यह प्रयोग सूर्योदय से पहले करें।
🥗कान का दर्द –
हींग को तिल के तेल में पकाकर उस तेल को छानकर इस तेल की बूंदें कान में डालने से कान दर्द से राहत मिलती है।
🥗शक्ति
शारीरिक शक्ति बढ़ाने या कमजोरी दूर करने के लिए भुनी हींग, पीपर, सोंठ तथा कालीमिर्च बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। प्रतिदिन सुबह-शाम चौथाई चम्मच चूर्ण गरम पानी के साथ सेवन करें।
🥗मासिक धर्म
मासिक धर्म की समस्याओ में हींग का सेवन करने से स्त्रियों के गर्भाशय का संकुचन होता है और मासिक धर्म खुलकर आता है। इसके अतिरिक्त इससे स्त्रियों का पेट दर्द भी दूर होता है।
🥗प्रसूता स्त्री का सिर चकराना –
घी में सेंकी हुई हींग देशी घी/गाय का घी के साथ सेवन करने से प्रसूता स्त्री को आने वाले चक्कर (सिर चकराना) और दर्द (लेबरपेन्स) मिटते हैं।
🥗विषैले दंश :-
बिच्छू, ततैया, मधु मक्खी आदि के काटने पर काटे गए अंग पर लगाने से दर्द और सूजन दूर होते हैं।
🥗मलेरिया से सुरक्षा –
जिन जगहों पर मलेरिया फैला हो वहां भोजन के साथ हींग का सेवन करने से आंतों को लाभ होता है तथा मलेरिया से भी सुरक्षा होती है।
🥗टायफाइड में अफारा होने पर –
टायफाइड/मोतीझरा बुखार में रोगी को अफारे (पेट फूलने) की समस्या होने पर हींग को नौसादर और हीरा बोल के साथ सेवन कराना लाभकारी है।
🥗होम्योपैथी दवा:-
-ASAFOETIDA Q ( मदर टिंचर )
10 बूँद 1 चम्मच पानी मे
🥗हींग को लम्बे समय तक प्रतिदिन सेवन न करें। जिन स्त्रियों को मासिक स्राव/माहवारी अधिक हो उन्हें तो हींग का सेवन बंद कर देना चाहिए ।
🥗गर्भवती स्त्रियां इसका सेवन कम ही करें। पित्त प्रकृति/गर्म तासीर के लोग हींग को केवल औषधि/दवा के तौर पर ही सेवन करें।
🥗दूध पीने वाले शिशु को यदि गर्मी की समस्या है हो तो ऐसी स्त्रियों को हींग का सेवन नहीं करना चाहिए।
🥗अधिक समय तक हींग सेवन मूत्र मार्ग में जलन होती है |
🥗अधिक हींग के सेवन से पेशाब और पसीने से बदबू आने लगती है। हींग मस्तिष्क (दिमाग) को और गर्म प्रकृति/मिजाज के लोगों के लिए हानिकर है।
🥗इसके अतिरिक्त हींग लीवर की बीमारी से पीड़ित लोगो के लिए भी हानिकारक है।
नोट : – आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी : –
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। यदि कोई साइड इफेक्ट या समस्या हो, तो तुरंत अपने निकट के वैद्य जी से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें एवं वैध जी की सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय मन में पूर्ण विश्वास बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
– : । आपका दिन शुभ हो । : –
– : धन्यवाद : –