🥗भाग 67🥗
🥗🥗🥗सहजन :-

🥗जामुन, बैंगन, आंवला ,हरड़ और बहेड़ा के समतुल्य ही सबसे सुंदर कोई फल है तो वह है सहजन।।
🥗जल को विषमुक्त बनाने के जितने गुण इसमे है किसी मे नही है
🥗इसमें फाइटोकेमिकल कंपाउंड एवं एल्केनॉयड पाया जाता है, सहजन का जड़ अंडाशय के कैंसर के इलाज में बहुत प्रभावी होता है।
🥗विटामिन के अलावा जिंक, कैल्शियम और आयरन जैसे मिनरल पाये जाते है,पुरुषों में स्पर्म बनने में जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है
🥗कैल्शियम खून की कमी नहीं होने देता है। सहजन की छाल में पाये जाने वाले यौगिक स्पर्म की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं, गाढ़ा करते है
🥗सहजन के फूलों का चाय बनाकर पीने से इसमें मौजूद पोषण की वजह से महिलाओं में यूटीआई की समस्या खत्म हो जाती है।
🥗बच्चे को दूध पीलाने वाली महिलाओं को सहजन के फूलों का सेवन करने से दूध बढ़ता है।
🥗एक शक्तिशाली मूत्रवर्धक का कार्य करने के कारण सहजन का इस्तेमाल करने से यह वजन घटाने में मदद करता है। यह एंटीबायोटिक और पेनकिलर का भी काम करता है और सूजन एवं दर्द दूर करने में सहायक होता है। इसकी सब्जी खाने से क्षतिग्रस्त कोशिकाओं के मरम्मत में यह मदद करता है।
🥗सहजन अस्थमा, पाचन की बीमारी, गैस, त्वचा की समस्याएं, थायरॉइड और सूजन को दूर करने में बहुत उपयोगी होता है।
🥗इसकी पत्तियों में प्रोटीन, विटामिन B6, विटामिन C, विटामिन A, विटामिन E, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं. इसकी फली में विटामिन C और सहजन की पत्ती में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. सहजन में एंटीओक्सिडेंट, बायोएक्टिव प्लांट कंपाउंड होते हैं.
🥗यह ब्लड शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल लेवल संतुलित करता है. ये हाई ब्लड शुगर लेवल को कम करता है. कोलेस्ट्रॉल कम करने की वजह से यह ह्रदय के लिए अच्छा है.
🥗हृदय रोग, मेटाबोलिक डिसऑर्डर, हृदय रोग, मेटाबोलिक डिसऑर्डर जैसे डायबिटीज, इन्सुलिन रेजिस्टेंस आदि की वजह से होनी वाली जलन और सूजन से सहजन राहत दिलाता है. सहजन की पत्ती के अतिरिक्त इसकी फली, फूल, बीज में भी यह गुण पाए जाते हैं. सहजन की सब्जी खाने से भी यह लाभ उठाये जा सकते है.
🥗सहजन कैंसर प्रतिरोधी है. इसके एंटी ओक्सिडेंट, Kaempferol, Quercetin, Rhamnetin तत्व एंटी-कैंसर होते हैं. यह स्किन, लीवर, फेफड़े और गर्भाशय के कैंसर होने से सुरक्षा करता है.
🥗किडनी स्टोन समस्या में सहजन कारगर है. यह किडनी में जमे अनावश्यक कैल्शियम को शरीर से बाहर निकालता है. इससे स्टोन नहीं बनने पाता और यह किडनी स्टोन से होने वाले दर्द और जलन को भी कम करता है.
🥗थाइरोइड रोगी को सहजन अवश्य खाना चाहिए. जिनकी थाइरोइड ग्लैंड अधिक सक्रिय होती है, वे सहजन खाते है तो बढ़ा हुआ थाइरोइड स्राव कम होने लगता है. थाइरोइड रोग की दो कंडीशन Grave’s disease और Hashimoto’s disease दोनों के लिए सहजन का सेवन रोग मुक्ति दिलाता है.
🥗सहजन के फूलों की चाय (Moringa flower tea) न्यूट्रीशनल गुणों से भरपूर होती है. यह चाय यूरिन इन्फेक्शन, सर्दी-जुकाम ठीक करती है, सहजन अनिद्रा, अस्थमा, हाइपरटेंशन,रिहमोटेड आर्थराइटिस, एनीमिया, आंत का अल्सर भी ठीक करता है और घाव जल्दी भरता है. दिमागी स्वास्थ्य के लिए सहजन लाजवाब है. सहजन डिप्रेशन, बेचैनी, थकान, भूलने की बीमारी ठीक करता है.
🥗सहजन के तेल को चेहरे पर लगाने से मुंहासे के दाग धब्बे (acne spot) एवं ब्लैक स्पॉट दूर हो जाते हैं और चेहरा एकदम साफ हो जाता है
🥗प्रेगनेंट महिलाओं को सहजन का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात का खतरा बना रहता है।
🥗जिन लोगों का रक्त अधिक पतला है और वे किसी दवा का सेवन कर रहे हों उन्हें सहजन का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह खून को अत्यधिक पतला कर देता है।
नोट : – आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी : –
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। यदि कोई साइड इफेक्ट या समस्या हो, तो तुरंत अपने निकट के वैद्य जी से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें एवं वैध जी की सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय मन में पूर्ण विश्वास बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
– : । आपका दिन शुभ हो । : –
– : धन्यवाद : –