🥗भाग 42🥗
🥗🥗🥗जलोदर( पेट में पानी भर जाना ) ASCITIBS:-
🥗यह एक पेट का रोग है ।पेट में सूजन आ जाती है । पेट में पानी इक्ट्ठा हो जाता है । इसे जलोदर Ascitibs रोग के नाम से जाना जाता है । पेट में पानी भरने से पेट का अगला हिस्सा बढ़ने लगता है । पेट दोनों तरह और नीचे की तरफ फूलता जाता है । चपटा दिखने लगता है । ऐसी अवस्था में श्वास कष्ट ,प्यास ,दिल धड़कना, पेशाब की कमी, कब्ज, रोगी को हिलने – जुलने से पेट में से पानी की आवाज मालुम होती है।
गुर्दों के रोग,प्लीहा,फुफ्फुस,हृदय रोग,स्वरयंत्र रोग,ज्वर,रक्तवाहिनीयें की बिमारी के कारण यह रोग हो जाया करता है । रोगी का जीना -मुशकिल हो जाता है । आधुनिक विज्ञान के डाकटर रोगी के पेट से पानी निकाल देते है । लेकिन पानी फिर भर जाता है ।
🥗चिकित्सा
🥗अजवायन को बछड़े के मूत्र में भिगोकर सुखाया चूर्ण 3-3ग्राम रोगी को दें
🥗बेलपत्र का ताजा रस २ तोला से ४ तोला तक छोटी पीपल का एक चुटकी चूर्ण मिलाकर सेवन करवाएं ।
🥗एक बैंगन लेकर उसमें छेद करके “डन्डा नौशादर” भरकर रात को औंस में रख दें । सुबह इसे निचोडकर रस निकालकर इसकी ५-१० बूंद बताशे में डालकर रोगी को पिलाएं । यह रोगी को मूत्र के रास्ते पानी निकालने में मदद करेगा।
🥗विशेष नोट-
इस रोग में पेट साफ होना जरूरी है । लवण और जल का कम सेवन करें । गोदुग्ध, अजा दुग्ध,ज्यादा प्यास होने पर डाभ का पानी ही दें । पेट सफाई के लिए एरण्ड तैल गर्म जल या गाय के गर्म दूध में डालकर पिलाएं ।
नोट : – आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी : –
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। यदि कोई साइड इफेक्ट या समस्या हो, तो तुरंत अपने निकट के वैद्य जी से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें एवं वैध जी की सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय मन में पूर्ण विश्वास बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
– : । आपका दिन शुभ हो । : –
– : धन्यवाद : –
