🥗भाग 20🥗
🥗🥗🥗दमा(अस्थमा):-

🥗फेफड़ों में संकुचन या जकड़न की वजह से यह रोग होता है।
🥗ठंडे पानी से , धूल धुआं से या फिर मैदा की वस्तु से हो सकता है।
🥗अधिकांश यह अनुवांशिक होता है।
🥗सभी परहेज पहले की तरह रहेगे।
🥗पीपल के फल, पत्ते, छाल को सुखाकर पाउडर बनाकर 1-1 चम्मच दिन में 2 बार गुड़ में मिलाकर ले।
🥗मिक्स आटे की रोटियां खाये
🥗पत्ति वाली सब्जियां खाये
🥗लोंग, इलाइची, कालीमिर्च,सोंठ ,तुलसी के पत्तों का अधिक सेवन करे, या इसका काढ़ा पिये
🥗उपाय 1:-
आधा कप(50ml) देशी गाय का गौमूत्र ख़ाली पेट पीने से किसी भी तरह का दमा पूर्णतय ठीक होता है यह लगातार 6 माह पिये
-बच्चो को 10ml ही दे
-गाय देशी हो
-गाय गर्भवती न हो या गाय की बछड़ी हो
-गौमूत्र सूती कपड़े से 7-8 परत बनाकर छानकर कांच की बोतल में सामान्य तापमान पर रखें।
🥗उपाय 2:-
दालचीनी का आधा चमच्च पाउडर शहद या गुड़ के साथ मिलाकर सुबह खाली पेट खाए, और हल्का गुनगुना पानी पिये यह लगातार 6 माह खाये, जिन्हें शुगर हो वह गुड़ के साथ ले
बच्चो को आधा चम्मच से भी आधा कर दे।
🥗यदि दमें का दौरा पड़ जाए तो फिटकरी मुंह मे लेकर 2 बार चूस ले।
🥗दोनो उपाय में से कोई एक ही उपाय करें।
नोट:- आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी:-
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। बिना वैद्य की सलाह के कोई भी औषधि न लें, और यदि कोई साइड इफेक्ट या अनुपात में समस्या हो, तो तुरंत अपने पास के वैद्य से संपर्क करें। स्वास्थ्य और उनकी सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय आश्वासन बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
-:।आपका दिन शुभ हो।:-
-:धन्यवाद:-