🥗भाग 40🥗
🥗🥗🥗अजवायन के लाभ:-

🥗सर्दी का बुखार
अजवायन का चूर्ण दो-दो ग्राम की मात्रा में दिन में
तीन बार लेने से ठंड का बुखार शान्त होता है।
🥗चर्मरोग
अजवायन के फूल (सफ़ेद दाने के रूप में बाज़ार में उपलब्ध) का चूर्ण पानी में मिलाकर उस घोल से घाव, दाद, खुजली, फुंसियाँ आदि धोने पर ये चर्मरोग नष्ट होते हैं।
🥗कमर दर्द
अजवायन का प्रसव के बाद अग्नि की प्रदिप्त करने
और भोजन को पचाने, वायु एवं गर्भाशय को शुद्ध करने के लिए सभी परम्परागत भारतीय परिवारों में लड्डू बना कर खिलाया जाने की परंपरा हे।यह
चमत्कारी लाभ देता हे, प्रसूति स्त्रियों को अजवायन व गुड मिलाकर देने से भूख बढ़ती है, प्रसव के बाद अजवायन के प्रयोग से गर्भाशय शुद्ध होता है।
गर्भाशय पूर्वास्थिती में आ जाता है। दूध ज्यादा बनता
है। बुखार व कमर का दर्द ठीक करता है। इससे
खराब मासिक चक्र ठीक भी हो जाता हें।
🥗गैस
अजवायन 10 ग्राम, छोटी हरड़ का चूर्ण 6 ग्राम,
सेंधा नमक 3 ग्राम, हींग 3 ग्राम का चूर्ण बनाकर रखें
और 3-3 ग्राम की मात्रा में जल के साथ लें तो पेट
दर्द, जलन, अफारा , और मलमूत्र की रूकावट दूर
होती है।
🥗बदन दर्द
अजवायन चूर्ण गरम पानी के साथ लेने से या अर्क
को गुनगुना करके पीने से या इसके तेल की मालिश करने से बदन दर्द ठीक होता है।
🥗एंटीबायोटिक
अजवायन की पत्ती माहवारी के विकारों के उपचार, फेफड़ों की समस्याओं और अजीर्ण में और प्रयोग किया जाता है यह शक्तिशाली एंटीबायोटिक और
एंटीऑक्सिडेंट भी होता है। अजवायन की पत्ती में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक तत्व हंड यह संक्रमण को दूर रखने के महत्वपूर्ण होता है।
🥗किडनी रोग
किडनी या गुर्दे संबंधी परेशानी में एक बड़ा चम्मच जीरा और दो चम्मच अजावयन को पीस कर पाउडर बना लें। इसमें थोड़ा सा काला नमक और एक चम्मच भूरे रंग का सिरका डाले। हर घंटे बाद एक एक चम्मच इस मिश्रण का लें। दर्द से जल्द ही आराम मिल जाएगा।
🥗अपच
दोपहर को भोजन के बाद पिसी 2 – 3 ग्राम अजवायन लेने से खाना आसानी से हजम होता है।
🥗खांसी
पान में अजवायन को डाल कर खाने से पुरानी
खांसी ठीक होती है।
🥗माइग्रेन
आधे सिर में दर्द होने पर एक चम्मच अजवायन आधा
लीटर पानी में डालकर उबालें। पानी को छानकर रखें एवं दिन में दो-तीन बार थोड़ा-थोड़ा लेते रहने से काफी लाभ होगा।
🥗चोट
चोट लगने पर नीले-लाल दाग पड़ने पर अजवायन एवं हल्दी की पुल्टिस चोट पर बाँधने पर दर्द व सूजन कम होती है
🥗दुर्गंध
मुख से दुर्गंध आने पर थोड़ी सी अजवायन को पानी में उबालकर रख लें, फिर इस पानी से दिन में दो-तीन बार कुल्ला करने पर दो-तीन दिन में दुर्गंध खत्म हो जाती है।
🥗कीड़े
पेट में कृमि (पेट के कीड़े) होने पर अजवाइन
के लगभग आधा ग्राम चूर्ण में इसी के बराबर मात्रा में
कालानमक मिलाकर सोते समय गर्म पानी से बच्चों को
देना चाहिए। इससे बच्चों के पेट के कीड़े मर जाते हैं।
🥗गठिया
गठिया (जोड़ों का दर्द) ,जोड़ों के दर्द में पीड़ित स्थानों पर अजवाइन के तेल की मालिश करने से राहत मिलेगी। गठिया के रोगी को अजवाइन के चूर्ण की पोटली बनाकर सेंकने से रोगी को दर्द में आराम पहुंचता है।
🥗मिट्टी खाने की आदत
मिट्टी या कोयला खाने की आदत , एक चम्मच अजवाइन का चूर्ण रात में सोते समय नियमित रूप से 3 हफ्ते तक खिलाएं। इससे बच्चों की मिट्टी खाने की आदत छूट जाती है।
🥗पेट दर्द
पेट में दर्द ,एक ग्राम काला नमक और 2 ग्राम अजवाइन पानी के साथ सेवन कराएं।
🥗बिस्तर में पेशाब करना
बिस्तर में पेशाब करना ,सोने से पूर्व 1 ग्राम अजवाइन का चूर्ण कुछ दिनों तक नियमित रूप से खिलाएं।
🥗बहुमूत्रता
बहुमू़त्र (बार-बार पेशाब आना) , 2 ग्राम अजवाइन को 2 ग्राम गुड़ के साथ कूट-पीसकर, 4 गोली बना लें, 3-3 घंटे के अंतर से 1-1 गोली पानी से लें। इससे बहुमूत्र रोग दूर होता है। अजवाइन और तिल मिलाकर खाने से बहुमूत्र रोग ठीक हो जाता है।
🥗मुहांसे
मुंहासे , 2 चम्मच अजवाइन को 4 चम्मच दही में पीसकर रात में सोते समय पूरे चेहरे पर मलकर
लगाएं और सुबह गर्म पानी से साफ कर लें।
🥗दांत दर्द
दांत दर्द , पीड़ित दांत पर अजवाइन का तेल लगाएं। 1 घंटे बाद गर्म पानी में 1-1 चम्मच पिसी अजवाइन और नमक मिलाकर कुल्ला करने से
लाभ मिलता है।
🥗मन्दाग्नि
अपच, मंदाग्नि में (पाचन शक्ति में) , भोजन के बाद नियमित रूप से 1 चम्मच सिंकी हुई व सेंधानमक लगी अजवाइन चबाएं।
🥗जूं, लीख
जूं, लीख , एक चम्मच फिटकिरी और 2 चम्मच अजवाइन को पीसकर 1 कप छाछ में मिलाकर बालों की जड़ों में सोते समय लगाएं और सुबह धोयें। इससे सिर में होने वाली जूं और लीखें मरकर बाहर निकल जाती हैं।
🥗पुराना बुखार
पुराना बुखार, मन्द ज्वर ,15 ग्राम की मात्रा में अजवाइन लेकर सुबह के समय मिट्टी के बर्तन में 1
कप पानी में भिगो दें। इस बर्तन को दिन में मकान में
और रात को खुले आसमान के नीचे ओस में रखें। दूसरे
दिन इसको सुबह के समय छानकर इस पानी को
पी लें। यह प्रयोग लगातार 15 दिनों तक करें। यदि
बुखार पूरी तरह से न उतरे तो यह प्रयोग कुछ दिनों
तक और भी चालू रखा जा सकता है। इस उपचार से
पुराना मन्द ज्वर ठीक हो जाता है और यदि यकृत और
तिल्ली बढ़ी हुई हो तो वह भी ठीक हो जाते हैं साथ ही साथ भूख खुलकर लगने लगती है।
🥗बांझपन
बांझपन (गर्भाशय के न ठहरने) पर , मासिक-धर्म के
आठवें दिन से नित्य अजवाइन और मिश्री 25-25
ग्राम की मात्रा में लेकर 125 ग्राम पानी में रात्रि के समय एक मिट्टी के बर्तन में भिगों दें तथा
प्रात:काल के समय ठंडाई की भांति घोंट- पीसकर सेवन करें। भोजन में मूंग की दाल और रोटी बिना नमक की लें। इस प्रयोग से गर्भ धारण होगा।
🥗खटमल
खटमल,चारपाई के चारों पायों पर अजवाइन की 4 पोटली बांधने से खटमल भाग जाते हैं।
🥗मच्छर
मच्छर ,अजवाइन पीसकर बराबर मात्रा में सरसों के तेल में मिलाकर उसमें गत्ते के टुकड़ों को तर (भिगो) करके कमरे में चारों कोनों में लटका देने से मच्छर कमरे से भाग जाते हैं।
नोट:- आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी:-
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। बिना वैद्य की सलाह के कोई भी औषधि न लें, और यदि कोई साइड इफेक्ट या अनुपात में समस्या हो, तो तुरंत अपने पास के वैद्य से संपर्क करें। स्वास्थ्य और उनकी सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय आश्वासन बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
-:।आपका दिन शुभ हो।:-
-:धन्यवाद:-