🥗भाग 39🥗
🥗🥗🥗पथरी:-

🥗मुख्यत: 5 जगह होती है
-पित्ताशय
-किडनी
यूनिद्रा
-मूत्रपिंड
-लीवर
🥗समस्या का कारण:-
-ठंडे पानी पीने से होती है
-खड़े होकर पानी पीने से होती है
-भोजन के तुंरन्त बाद पानी पीने से होती है
-विषम प्रकर्ति के आहार ग्रहण करने पर होती है
-पेट साफ न हो तो होती है
-अम्लता बढ़ने पर होती है
-कैल्शियम का शरीर मे जमाव
-विटामिन D के अभाव में
-अम्लीय भोजन
– अप्राकृतिक भोजन
🥗परहेज:-
खट्टी अच्चार, चाय, काफी, आयोडीन नमक,चीनी
🥗आवश्यक नियम:-
-नमक सेंधा खाहे
-पानी का नियम सबसे जरूरी है
-पानी गुनगुना ही पिये
-गाजर अधिक खाए
-सफेद प्याज का रस रोज 50ml पिये
🥗पित्त की पथरी लीबर सफाई से एक दिन में निकलती है
🥗किडनी आदि की किडनी सफाई से धीमें धीमे निकल जाती है
🥗पित्त की थैली में पथरी:-
🥗अनेक सदस्यों के प्रश्न है कि पित्त की थैली में पथरी है ऑपरेशन के अलावा कोई चारा नहीं, आप 3 महीने यहां बताये सभी उपाय कर ले, फिर बात करे
🥗तुरंत लीवर किड़नी पेरासाइट क्लींज करें
🥗BERBERIS Q, CHOLOSTRENIUM 3X लेना शुरू करें
🥗सबसे पहले 4 सेब बिना छिलका उतारे सुबह खाली पेट खायेँ
🥗सुबह शाम दो बार कुलथी की दाल का 100 ग्राम गुनगुना पानी पिये
🥗पथरचट्टा के 2 पत्तो को पीसकर एक गिलास पानी मे गर्म करके दिन में 2 बार सेवन करे, या फिर इसी पथरचट्टा से बनी दवा बर्बेरिस बलगारिश मदर टिंचर 25ml गुनगने पानी 15-20 बूँद मे दिन में 4 बार ले
🥗गुड़हल के फूल का पाउडर ले आये, रात में एक चमच्च पाउडर गर्म पानी से खाने के एक घण्टे बाद लीजिये
🥗बाकी अन्य जगह पथरी :-
🥗🥗🥗उपाय 1:-
देशी गाय के गौमूत्र का सेवन करें
🥗🥗🥗उपाय 2:-
पथरचटा(पाषाणभेद) के 2-3 पत्ते लेकर काढ़ा बना ले, इसे दिन में 3-4 बार पिये, जांच करवाते रहे पथरी निकलते ही बन्द कर दे
🥗🥗🥗उपाय 3:-
पथरचटा के ही सॉल्यूशन से होम्योपैथी की एक दवा बनी है जिसका नाम है BERBERIS VULGARIS, इसके भी अनेक सॉल्यूशन है, इसे MOTHER TINCHER में ले,
25 ML गुनगुने पानी मे 10-15 बूंद एक दिन में 3-4 बार ले
🥗🥗🥗उपाय 1 करना है और उपाय 2 व 3 में से कोई एक करे
🥗🥗🥗विशेष:- जब पथरी निकल जाए और फिर दोबारा न बने तो एक और होम्योपैथी दवा है जिसका नाम है CHINA 1000, इस दवा की 2-2 बूँद सुबह दोपहर शाम ,पथरी निकलजाने के बाद, किसी एक दिन केवल 3 बार इसकी बूंदे सीधे जीभ पर डालें।।।।
नोट:- आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी:-
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। बिना वैद्य की सलाह के कोई भी औषधि न लें, और यदि कोई साइड इफेक्ट या अनुपात में समस्या हो, तो तुरंत अपने पास के वैद्य से संपर्क करें। स्वास्थ्य और उनकी सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय आश्वासन बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
-:।आपका दिन शुभ हो।:-
-:धन्यवाद:-