🥗भाग 49🥗
🥗🥗🥗आंखों के रोग:-

🥗आखो का व्यायाम करे
-लाल होना,
-आंखों से पानी आना,
-चश्मा लगना
-मोतियाबिंद
-आंख आना
– कम दिखाई देना
-रतौन्धी आदि रोग
–
❌चाय, काफी बन्द
❌शक्कर बन्द
❌कोल्ड्रंक बन्द
❌शराब सिगरेट बन्द
❌एल्युमिनियम के बर्तन, कुकर आदि बन्द
❌देर रात न सोए
❌अंधेरे में मोबाइल आदि न चलाये
🥗जब शरीर मे और आँखों में एसिड बढ़ता है तभी चश्मा लगता है, या अन्य समस्या आती है
🥗पानी पीने का नियम बदले
🥗नमक सेंधा खाये
🥗तेल शुद्ध खाये
🥗दूध घी दहिं देशी गाय का खाये
🥗सबसे पहले सुबह उठकर पानी पीने से पहले और ब्रश करने से पहले ही, मुँह के अंदर बनने वाली लार को आंखों में काजल की तरह रोज लगाए
🥗आंखों के लिए आई ड्राप:-
🥗देशी गाय के गौमूत्र को 7 परत सूती कपड़े की बनाकर कांच की बोतल में रखे, रोज रात में सोते वक्त 1-1 बूंद ऑखों में डालें कम से कम 3 माह, और फिर समस्या के अनुसार आगे तक
-गाय देशी हो
-गाय गर्भवती न हो या गाय की बछड़ी का गौमूत्र हो
❌गौमूत्र अर्क का प्रयोग न करें
🥗सफेद प्याज का रस 1 चमच्च
बेदाना नीम्बू का रस एक चमच्च
गुलाबजल रस एक चमच्च
शहद 3 चमच्च
-सभी को मिलाकर कांच की बोतल में भरकर रख ले,रोज रात में 1-1 बूँद आंखों में डालें,
-यह केवल इतना ही बनाये की 15 दिन तक चले, 15 दिन बाद दोबारा बना ले
🥗जिसे कोई समस्या नही वह भी इसका प्रयोग 3 माह लगातार कर सकता है, फिर 15 दिन छोड़कर 3 माह।।।
🥗विशेष:-
आंखों में डालने वाले दोनो आई ड्राप में से किसी एक का ही इस्तेमाल करें, दोनो का नही
नोट : – आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी : –
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। यदि कोई साइड इफेक्ट या समस्या हो, तो तुरंत अपने निकट के वैद्य जी से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें एवं वैध जी की सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय मन में पूर्ण विश्वास बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
– : । आपका दिन शुभ हो । : –
– : धन्यवाद : –