🥗भाग 64🥗
🥗🥗🥗मुख की लार :-

🥗मूर्ख इंसान को छोड़कर सन्सार के सभी जीव जंतु पशु पक्षी आदि, पानी घूँट घूँट करके पीते है, और सभी तंदुरुस्त है, किसी को शुगर, bp, कैसंर आदि कोई बीमारी नही होती।।
🥗पेट मे हमेशा एसिड बनता है औऱ मुंह में सर्वाधिक एक लाख ग्रन्थियां है ,जो लार बनाती है ,यदि ये लार पेट मे न जाये तो शरीर बीमार् रहेगा, और यही लार जितनी पेट मे जाएगी निरोगी रहेगे
🥗चाय,काफी, टूथपेस्ट ,शराब आदि ये सब इस लार ग्रन्थियों को कमजोर करते है, लार के उत्पादन को रोकते है, इन जहर को बन्द करें
🥗यदि ये लार पेट मे न जाये तो, पथरी,ह्यड्रोसील, कब्ज बाबासीर, शुगर, हार्टअटैक , अपेंडिसाइटिस, प्रॉस्टेट एनलार्जमेंट, अर्थराइटिस जैसे भयंकर रोग आते है
🥗सौंफ चबाना,नीम, बबूल आदि दातुन करना, कसैली वस्तुएं खानां आदि लार की मात्रा बढ़ाता है
🥗लाभ:-
🥗सुबह के मुंह की लार किसी भी घाव को भर देता है
🥗आखों के नीचे डार्क सर्किल खत्म कर देता है
🥗आंखों के चश्मे उतार देती है
🥗सोरायसिस, दाद, एग्जिमा जैसे रोग खत्म कर देती है
🥗जले, का निशान मिटा देती है
🥗फोड़े फुंसी, मुंहासे सब ठीक कर देती है
नोट : – आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले वैधानिक चेतावनी : –
स्वदेशी और अच्छी गुणवत्ता वाली औषधियों का प्रयोग करें। यदि कोई साइड इफेक्ट या समस्या हो, तो तुरंत अपने निकट के वैद्य जी से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें एवं वैध जी की सलाह का पालन करें। आयुर्वेदिक चिकित्सा का पालन करते समय मन में पूर्ण विश्वास बनाए रखें कि आप विशेष रूप से आपके लिए निर्दिष्ट औषधियों और खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जैसे कि आपके वैद्य ने सुझाया है।
स्रोत : –
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान 🥗
जानकारी को संकलित किया गया : –
🌷राकेश कुमार चंद्रवंशी (चन्द्रा जी)🌷 द्वारा
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं।
– : । आपका दिन शुभ हो । : –
– : धन्यवाद : –